
Panna stone बुध का रत्न है| ज्योतिष में बुध एक सौम्य ग्रह माने जाते है जो बुद्धि के कारक हैं| नवग्रहों में बुध युवराज हैं जो सदा कौमार्य evergreen ग्रह हैं| सूर्य के सर्वाधिक निकट होने के कारण ये एक अधीर और जल्दी बदलने वाला ग्रह है|
बुध का रत्न पन्ना – Panna stone कौन धारण कर सकता है? एक Astrologer और Gemologist की हैसियत से सबसे ज्यादा आम प्रश्न मुझसे पूछा जाता है की मैं कौन सा रत्न धारण करूँ या कौन सा रत्न मुझे suit करेगा|
जैसा मैंने अपने पहलेवाले इस article में कहा था की मैं हर रत्न को हर लग्न से मिलकर बताऊँगा की कौन से लग्न को कौन सा रत्न सूट करेगा और क्यों, तो इसी series में आइये दोस्तों आज हम बुध ग्रह के रत्न Panna gemstone की बात करते हैं की प्रत्येक लग्न का बुध से क्या सम्बन्ध है और Panna stone धारण कर सकते हैं की नहीं|
ज्योतिष में सूर्य और चन्द्र एकाधिपति हैं मतलब एक भाव के स्वामी, पर बाकी समस्त ग्रहों के स्वामित्व में दो भाव आते हैं| सूर्य और चन्द्र चूँकि एकाधिपति हैं इसलिए इनका रत्न निर्धारण थोडा आसान हो जाता है| जब दो भावों का स्वामित्व आता है तब एक भाव शुभ और दूसरा अशुभ हो तो रत्न निर्धारण में काफी सावधानियां लेनी पड़ती है|
मेष लग्न और Panna stone
राशी चक्र की पहली राशी है मेष है जो मंगल के स्वामित्व की पहली राशी है| मेष राशी के लग्न में बुध के स्वामित्व में तीसरा और छठा भाव आएगा| बुध के स्वामित्व के दोनों भाव ज्योतिष में अशुभ भाव माने जाते हैं| साथ ही मेष लग्न के लग्नेश मंगल तथा बुध आपस में शत्रु ग्रह हैं|
मेष लग्न के लिए Emerald शुभ नहीं है| यहाँ अपवाद या exception ये है की यदि बुध तीसरे या छठे भाव में ही स्थित हैं तो बुध की महादशा और अंतरदशा में Panna stone धारण किया जा सकता है|
वृषभ लग्न और Emerald gemstone
राशी चक्र की दूसरी राशी है वृषभ, जो शुक्र के स्वामित्व की पहली राशी है| बुध के स्वामित्व में यहाँ दूसरा और पांचवां भाव होगा| द्वितीय भाव हालाँकि धन और कुटुंब का शुभ भाव है पर ये एक मारक भाव भी है, पर यदि द्वितीयेश लग्नेश का मित्र ग्रह हो तो मारक तत्व काफी कम हो जाता है|
वृषभ लग्न के स्वामी शुक्र और बुध परस्पर मित्र ग्रह हैं साथ ही दोनों भाव शुभ भाव हैं इसलिए इस लग्न के लिए Emerald gemstone शुभ फल देगा| Panna stone के धारण से धन संपत्ति का लाभ, सौभाग्य एवं intelligence में वृद्धि होगी| धारक के बच्चों की उन्नति में भी पन्ना सहायक होगा|
Emerald और मिथुन लग्न
अब बात करते हैं मिथुन लग्न की जो बुध की अपनी राशी है| मिथुन लग्न में बुध स्वयं लग्नेश हैं और कुंडली के सबसे शुभ भाव – चतुर्थ भाव के स्वामी भी हैं|
मिथुन लग्न के जातक को Panna stone अवश्य पहनना चाहिए| ये एक सुरक्षा कवच की तरह पहनने वाले की रक्षा करता है| अच्छे स्वस्थ्य के लिए, घर परिवार के सुख के लिए, सौभाग्य, धन संपत्ति, education में success के लिए तथा व्यावसायिक उन्नति आदि के लिए पन्ना जरुर पहनें|
कर्क लग्न और पन्ना
राशी चक्र की चतुर्थ राशी कर्क राशी है जो चन्द्र की राशी है| कर्क लग्न में बुध को तीसरे और बारहवें भाव का स्वामित्व मिलता है| चंद्रमा हालाँकि बुध से शत्रु भाव न रख कर सम भाव रखते हैं पर बुध चंद्रमा से शत्रुता रखते हैं|
कर्क लग्न में बुध के स्वामित्व के दोनों भाव अशुभ हैं और लग्नेश से शत्रुता भी रखने के वजह से कर्क लग्न के जातक को पन्ना नहीं पहनना चाहिए| इसका exception है – अगर बुध तीसरे या बारहवें भाव में ही स्थित हो, और बुध की महादशा मिल जाये तो – पन्ना पहना जा सकता है|
सिंह लग्न और Panna stone
अब बात करते हैं सूर्य की राशी सिंह की| सिंह लग्न में बुध दूसरे तथा ग्यारहवें घर के स्वामी बनते हैं| द्वितीय भाव, जैसे पहले कहा, हालाँकि धन और कुटुंब का शुभ भाव है पर ये एक मारक भाव भी है, पर यदि द्वितीयेश लग्नेश का मित्र ग्रह हो तो मारक तत्व काफी कम हो जाता है|
Leo लग्न के स्वामी सूर्य और बुध परस्पर मित्र हैं और बुध का भाव स्वामित्व भी अच्छा है इसलिए इस case में पन्ना पहना जा सकता है|
और अगर इस लग्न के जातक पन्ने के साथ ही माणिक भी पहनें तो अति उत्तम| पन्ना माणिक का ये combination बुध की महादशा और अंतरदशाओं में बढ़िया फल देगा|
कन्या लग्न और पन्ना रत्न
राशीमंडल की छठी राशी है कन्या राशी जो स्वयं बुध के स्वामित्व की दूसरी राशी है| कन्या लग्न में बुध के स्वामित्व में लग्न और दशम भाव आते हैं| दशम भाव कुंडली का सबसे सक्रिय भाव है|
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कन्या लग्न के लिए पन्ना पहनना अति उत्तम है| जीवन में हर तरह की ख़ुशी, व्यवसायिक सफलता, अच्छा स्वास्थ्य, धन संपत्ति, नाम यश आदि सबके लिए कन्या लग्न के जातक पन्ना जरुर धारण करें|
तुला लग्न और Panna stone
राशि चक्र की सातवीं राशी तुला है| तुला शुक्र के स्वामित्व की दूसरी राशि है| यहाँ बुध के स्वामित्व में नवम भाव और बारहवां भाव आएगा| तुला लग्न के स्वामी शुक्र और बुध परस्पर मित्र ग्रह हैं|
तुला लग्न में बुध के पास एक शुभ भाव – भाग्य भाव यानी नौवां भाव और एक अशुभ भाव है – व्यय भाव यानी बारहवां भाव| पर बारहवें भाव को आधुनिक परिवेश में सम भाव (neutral) भाव मानता हैं|
तुला लग्न के जातकों को पन्ना बुध की महादशा और अंतर दशा में शुभ फल देगा| और यदि पन्ने के साथ एक हीरा या हीरे का उपरत्न भी जड़वा कर पहना जाये तो जीवन भर ये combination अच्छे फल देगा|
वृश्चिक लग्न और natural green Emerald
अगली राशी है वृश्चिक जो राशीमंडल की आठवीं राशी और मंगल की दूसरी राशी है| इस लग्न में बुध के स्वामित्व में आठवां और ग्यारहवां भाव आएगा| इस लग्न के लग्नेश मंगल बुध को शत्रु मानते हैं|
अष्टम भाव ज्योतिष में दुश्स्थान माना गया है और ग्यारहवां भाव लाभ भाव एवं उपचय भाव भी है – मतलब growth का भाव| इस लग्न में यदि बुध पंचम भाव या अपने खुद के ग्यारहवें भाव में स्थित हों तो पन्ना पहना जा सकता है|
धनु लग्न और Panna stone
वृश्चिक के बाद आती है धनु राशी जो राशिचक्र की नौवीं राशी है| धनु ब्रहस्पति के स्वामित्व की पहली राशी है| धनु लग्न में बुध के पास सप्तम भाव और दशम भाव आएगा|
धनु लग्न के लग्नेश ब्रहस्पति बुध को शत्रु मानते हैं हालाँकि बुध ब्रहस्पति से सम भाव रखते हैं| बुध सूर्य के सबसे निकटतम ग्रह है और सूर्य एक तप्त क्रूर गृह माने जाते हैं| धनु लग्न में यदि बुध सप्तम भाव में स्थित हैं तो सूर्य के निकटम degree में रहेंगे, और लग्नेश गुरु बुध को शत्रु मानते हैं, इसलिए इस लग्न में पन्ना पहनना अच्छे फल नहीं देगा|
यदि धनु लग्न में बुध चौथे, पांचवें या दशम भाव में स्थित हों तो बुध की महादशा या अन्तर दशा में Emerald stone पहन जा सकता है|
मकर लग्न और पन्ना
अगली राशी है मकर जो कर्माधिपति शनि के स्वामित्व की पहली राशी और राशी चक्र की दशम राशी है| बुध इस लग्न में छठे और नवम भाव के स्वामी बनते हैं और लग्नेश शनि और बुध परस्पर मित्र हैं|
इस case में बुध के स्वामित्व में एक भाव शुभ है और दूसरा अशुभ| मकर लग्न में Panna stone lucky है क्यूंकि नौवां भाव तो भाग्य भाव है ही, दसवें घर का नौवां भाव (lucky house for 10nth house) छठा भाव है|
बुध की महादशा और अंतर दशा में पन्ना profession और business आदि के लिए अति उत्तम है|
कुम्भ लग्न और Panna stone
शनि के स्वामित्व की अगली राशी है कुम्भ राशी जो राशी चक्र की ग्यारहवीं राशी है| बुध यहाँ पंचम और अष्टम भाव के स्वामी हैं और लग्नेश शनि के मित्र|
इस case में भी बुध के स्वामित्व में एक भाव शुभ है और दूसरा अशुभ| बुध का अष्टम से सम्बन्ध धन संपत्ति के लिए अच्छा है और लग्नेश में मित्र होने की स्थिति में कुम्भ लग्न के लिए पन्ना अच्छे फल देगा|
अगर पन्ने के साथ नीलम भी जड़वा लिया जाये तो results और भी बढ़िया हो जायेंगे|
मीन लग्न और पन्ना रत्न
राशी चक्र की आखिरी राशी यानी बारहवां भाव है मीन राशी जो ब्रहस्पति के स्वामित्व की दूसरी राशी है| मीन लग्न में बुध चौथे और आठवें भाव के स्वामी बनते हैं और लग्नेश ब्र्हसप्ती से सम भाव रकते हैं|
मीन लग्न में भी बुध के स्वामित्व में एक भाव शुभ है और दूसरा अशुभ| बुध का अष्टम से सम्बन्ध, जैसे ऊपर कहा गया हैं, धन संपत्ति के लिए अच्छा है और यदि मीन लग्न में बुध चौथे, दसवें या ग्यारहवें भाव में स्थित हो तो बुध की महा/अन्तरदशा दशा में पन्ना पहना जा सकता है|

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