राज कृपा Vashikaran यन्त्र – तंत्र मंत्र यन्त्र series में आइये आज बात करते हैं एक ऐसे यंत्र की जिसकी जरुरत अमूमन हर व्यक्ति को पड़ती है – वो है सम्मोहन/Vashikaran यन्त्र| Vashikaran यन्त्र सिर्फ opposite sex को सम्मोहित करने के लिए ही नहीं होता – जैसे की सर्वसाधारण मान्यता है| कई प्रकार के सम्मोहन यन्त्र हैं तंत्र शास्त्र में – शत्रु को शांत करने के लिये, interview, debate में सफलता के लिए तथा business और profession में उन्नति और उच्चाधिकारियों से सहयोग आदि के लिए भी vashikaran यन्त्र प्रयोग होता है|
सबसे पहले समझते हैं की यन्त्र है क्या? यन्त्र का शाब्दिक अर्थ है – मशीन| जैसे किसी भी मशीन का निर्माण कुछ खास चीजों और खास तरीके से होता है और अलग अलग उपयोग के लिए अलग अलग मशीनें हैं वैसे ही जीवन में अलग अलग उपलब्धियों के लिए अलग यंत्र हैं|
मशीनों की बात करें तो मशीनें कई तरह की धातुओं, आकारों और पुर्जों का सम्मिश्रण है, जो किसी खास मकसद के लिए बनायी जाती है| इनमे जो चीज जहाँ लगनी है और जिस तरह से लगनी है – वो उसी तरह से होगी तो मशीन अपना मकसद पूरा करेगी, नहीं तो मशीन फायदे के बजाय नुकसान कर सकती है जैसे फसल काटने की मशीन| अगर इसका cutter सही नहीं लगा तो मशीन के आस पास खड़े लोगों को बहुत चोट पहुँच सकती है|
यन्त्र हमारे जीवन के विभिन्न आयामों को सुधारने के उपकरण हैं| इनका निर्माण विभिन्न उद्देश्यों की पूर्ति के लिए होता है और ये यंत्र अलग अलग तरीके से अपने चारों तरफ के area को गुंजायमान करते हैं|
बहुत पुराने जमानों से यंत्रों का प्रयोग रहा है| दुनिया के बहुधा सब सम्प्रदायों में – हिन्दू, जैन, मुस्लिम, Christian, पारसी आदि सभी धर्मों में यंत्रों का वर्णन है| ये यंत्र सांख्यिक हो सकते हैं, आक्षरिक हो सकते हैं और आकृति वाले हो सकते हैं|
अगर आप net पर थोडा research करें तो आपको इस विषय पर हजारों sites मिल जायेंगी| इन sites पर थोडा नीचे scroll करें और comments में जायें तो आपको हजारों प्रश्न भी मिल जायेंगे जो हमारे आपके जैसे लोग इस विषय के बारे में पूछते हैं|
मजे की बात ये है की बहुधा इन articles, post, blog या site पर एक भी प्रश्न का satisfactory उत्तर आपको नहीं मिलेगा| लेखक या तो सीधे सीधे कहते हैं की तंत्र शास्त्र में इतना ही लिखा है या प्रश्न को ignore कर देते हैं|
इस सन्दर्भ में ये तर्क भी ठीक है की सम्पूर्ण जानकारी एक ही व्यक्ति के पास नही मिल सकती, विषय इतना बड़ा है, पर जो जानकारी दी जा रही है कम से कम उस specific जानकारी से जुड़े प्रश्न का उत्तर तो देना ही चाहिए| Cut copy and paste मनोरंजन के लिए तो ठीक है पर ऐसे serious विषय पर तो बिलकुल नहीं होना चाहिए|
तंत्र शास्त्र की किताबों में जैसा लिखा है, जिन चीजों से यंत्र बनाए जाते हैं वो कहाँ से मिलें, तरीका क्या है आदि कुछ ऐसे विषय है जिसे लिखने वालों ने बिलकुल cover नहीं किया| जिस समय के ग्रन्थ लिखे गए थे उस समय इन चीजों के निर्माण की सामग्री आराम से मिल जाती थी|
ये यंत्र मन्त्र या तंत्र खास विषयों के लिए खास तरीकों और खास सामग्री से गुरु आज्ञा से निर्मित होते थे जो वाकई असर देते थे| आज आपको सामग्री की लिस्ट मिल भी जाये तो आप ढूंढते रहेंगे और मिलेगी नहीं| और अगर मिल भी जाये तो 90% शुद्ध नहीं होगी! इस तरह से बने यंत्र decorative आइटम से ज्यादा और कुछ नहीं होते|
मंत्र तंत्र और यन्त्र एक ऐसा area है जिसमे सही information की बहुत जरूरत है| यन्त्र क्या हैं, कैसे और किन चीजों से निर्मित होते हैं, इनमे प्रयोग की जाने वाली सामग्री कहाँ से मिले, मंत्र क्या हैं, कौन से मंत्र सर्व साधारण उच्चरित हो सकते हैं, किस problem के लिए क्या मंत्र या यंत्र उपयोग किया जाये आदि आदि ऐसे ही विषयों पर आप मेरी इस तंत्र मन्त्र यंत्र Category के article series में जानकारी ले पायेंगे|
इस विषय पर जो भी article मैं create करूंगा, उसमे आपको उससे सम्बंधित सभी जानकारी मिलेगी और आपके सभी प्रश्नों के सही उत्तर भी|
आज हम बात कर रहे हैं सम्मोहन यन्त्र series में राज कृपा वशीकरण यन्त्र की| ये एक खास सम्मोहन यन्त्र है जिसका उपयोग शासक वर्ग को, अपने employers को, उच्चाधिकारियों को और अपने seniors आदि को वश में करने के लिए किया जाता है|
राज कृपा vashikaran यंत्र की सामग्री|
राज कृपा Vasheekaran yantra भोजपत्र पर बनाया जाता है| इसे अष्टगंध से तैयार किया जाता है| अष्टगंध आठ तरह के दिव्य सुगंधी से तैयार किया जाता है| अष्ट मतलब आठ और गंध मतलब सुगंध (perfume)
अष्ट गंध में अगर (Alor Wood), तगर (Tabernaemontana coronaria), गोरोचन (एक पीला जैविक पदार्थ जो गौ के पित्त से बनता है और जो paint dye तथा तिलक आदि बनाने में प्रयोग होता है), कस्तूरी (एक बहुत ही दुर्लभ सुगन्धित जैविक पदार्थ जो कस्तूरी मृग की नाभि से निकलता है), चन्दन, सिन्दूर, रक्त चन्दन और कपूर का सम्मिश्रण होता है|
इस सब वस्तुओं को शुद्ध जल में घिस कर स्याही बनायी जाती है जिससे इस यन्त्र का निर्माण होता है| चमेली की कलम का प्रयोग होगा| अष्ट गंध में सबसे दुर्लभ है original गोरोचन और कस्तूरी| बाकी सामग्री मिल भी जाये पर ये दो सामग्री है जिनका शुद्ध असली मिलना बहुत ही मुश्किल है|
राज कृपा vashikaran यंत्र बनाने का तरीका|
ये यन्त्र नीचे बनायी गए तरीके से बनाना है, ध्यान देने के बात है की सबसे छोटी संख्या से बड़ी संख्या में ascending order – मतलब निचली संख्या से ऊपर – लिखना है|
पहले सबसे छोटा अंक पहली line में उसी खाने में आएगा जहाँ यंत्र में है, फिर उस संख्या का repeat जिस खाने में है वहीँ आएगा, फिर उस नंबर से अगला नंबर, जिस खाने में और जहाँ repeat – इस तरह यन्त्र का निर्माण होगा| जहाँ जो shabd है वो आखिर में लिखा जाएगा, पहले ऊपर के खाने भरने हैं last में नीचे के|
इस यन्त्र को बना कर इसे laminate कर के कार्य स्थल पर या अपने पूजा स्थल पर स्थापित करें| आपके seniors, उच्चाधिकारी और सहकर्मी आदि सम्मोहित हो जायेंगे|
यदि आप इस यंत्र को बनाने में असमर्थ हैं या सामग्री मिलने में दिक्कत हो रही हो तो ये यंत्र आपके लिए बनवा कर भेजा जा सकता है|
तो इस अद्भुत यंत्र को अपने जीवन में स्थापित कर अपने कार्य स्थल, business और ऑफिस में सम्पूर्ण सहयोग पायें और जीवन में उन्नति करें|

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