
Guru transit 2016 – ज्योतिष के शुभ ग्रह गुरु 11 अगस्त 2016 को सिंह राशि से आगे चलते हुए कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और 12 सितम्बर 2017 तक कन्या राशी में रहेंगे| गुरु का ये का गोचर अति महत्वपूर्ण गोचर है| और इस साल की विशेषता यह है की ब्रहस्पति का ये गोचर ब्रहस्पतवार यानी गुरूवार को ही हो रहा है जो ब्रहस्पति के अधिपत्य का ही दिन है|
Guru transit 2016 article के इस पांचवें भाग में मिथुन और कर्क राशी के लिए क्या फल होंगे और क्यों होंगे, आइये समझते हैं|
Guru transit 2016 – मिथुन राशी
मिथुन राशी के लिये ब्रहस्पति का ये गोचर – Guru transit 2016- चंद्रमा से चतुर्थ भाव पर होगा| चतुर्थ भाव सुख का, माता का, विलासिता और समृद्धि आदि का भाव है, और अगर ब्रहस्पति कुंडली में शुभ भाव या शुभ ग्रहों से सम्बन्ध बना रहे हैं, तो ये गोचर सांसारिक सुख और समृद्धि आदि में सहायक रहेगा|
- चतुर्थ भाव क्यूंकि भूमि और प्रॉपर्टी का भी भाव है तो ब्रहस्पति का ये गोचर भूमि संपत्ति और अचल संपत्ति की वृद्धि में भी सहायक रहेगा|
- जो लोग नया मकान, भूमि या flat आदि लेने का प्लान कर रहे हैं, उनके लिये ये गोचर शुभ रहेगा और अपनी प्लानिंग को इस गोचर में कार्यान्वित कर सकते हैं|
- जमीन से related खरीदना या बेचना, दोनों में Guru transit 2016 लाभ फल देगा|
- अगर इस समय नयी गाडी खरीदने का प्लान कर रहें हैं तो Guru transit 2016 शुभ है, आपकी ये प्लानिंग सफल रहेगी|
- इस गोचर में मिथुन राशी के जातकों के लिये परिवार का सुख और support, विशेषकर माँ से निकटता, परिवार से आर्थिक मदद वगैरा का भी योग है| लम्बे समय से चल रहे परिवार के झगडे आदि सुलझने का चांस है|
- गुरु की पंचम दृष्टि आपकी राशी से अष्टम भाव मकर राशी पर पड़ेगी, तो यदि कोई उत्तराधिकार का matter विचाराधीन है तो इस गोचर में उससे related शुभ फल मिल सकते हैं|
- आपके स्वास्थ्य में उन्नति होगी और दीर्घकालीन रोग ठीक होंगे|
- आपके life पार्टनर की salary बढ़ने और आमदनी बढ़ने के योग बनेंगे| अप्रत्याशित धन या लाभ मिलने के भी chances हैं|
- गुरु कन्या राशी में गोचर करते हुए, मिथुन राशी से (यानी चंद्रमा से) दशम भाव मीन राशी – जो ब्रहस्पति की स्वयं राशी है – को अपनी सप्तम दृष्टि देंगे, इसलिये व्यवसाय में सुख, professional comfort और व्यपार में शुभता रहेगी|
- तनख्वाह बढ़ने के और विदेश posting के भी योग बन सकता हैं|
- अगर इस राशी के जातक business फ़ैलाने का कोई और long term प्लानिंग कर रहें हैं तो यह समय उसे कार्यान्वित करने के लिये शुभ है|
- अचल संपत्ति के द्वारा आपके long pending प्रोजेक्ट्स को start करने का अच्छा समय है यह गोचर| कोई नया उद्यम जो आप लम्बे समय के लिये successfully चलाना चाहते हैं, उसे start करने के लिये यह समय अनुकूल है|
- Communication का कारक बुध भी यदि कुंडली में शुभ है तो नये connections, नये दोस्त और नये circle आपके प्रभाव, प्रभुत्व और प्रतिष्ठा को बढ़ाएंगे| ये combination इस गोचर में गहन अध्ययन और स्टडी के द्वारा आपके ज्ञान वृद्धि में भी सहयोग कर सकता है|
- गुरु इस गोचर में अपनी नवम दृष्टि चन्द्र से बारहवें भाव को देंगे तो इस गोचर के दौरान आपको शयन सुख में कमी नहीं होगी| विवाहोपरांत दाम्पत्य जीवन सुखी रहेगा और दाम्पत्य जीवन में bed pleasures की प्रचुरता रहेगी|
- गुरु की ये दृष्टि आपको करुणामय बना कर आपको धार्मिकता, दानशीलता और उदारता के कर्मों की तरफ भी प्रेरित करेगी|
- मिथुन राशी ब्रहस्पति के शत्रु बुध की राशी है, ब्रहस्पति स्वयं बुध की दूसरी राशी कन्या में गोचर रत हैं और कुंडली में यदि ब्रहस्पति शुभ स्थिति में नहीं है, या पीड़ित है तो प्रतिकूल फल देगा|
- इस दौरान मातृभाव पीड़ित हो सकता है| अपने माता के स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखें, प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है|
- कुडंली का अशुभ गुरु इस समय वाहन दुर्घटना से चोट का कारण भी बन सकता है, इसीलिये वाहन चलाते समय सावधानी बरतें|
- अशुभ गुरु पारिवारिक झगडे और अशांति का कारण बन सकता है, इसीलिये अनावश्यक वाद विवादों से बचें| कन्या राशी से ब्रहस्पति अपने पंचम दृष्टि से चंद्रमा से अष्टम भाव को दृष्टि देंगे, इसीलिये ये समय जीवन में अप्रत्याशित बदलाव ला सकता है| स्थान परिवर्तन आदि का योग बन सकता है|
- धन के मामलों में सावधानी बरतें, सट्टे में या शेयर आदि में अशुभ गुरु इस समय नुक्सान का कारण बन सकता है|Guru transit 2016 में गुरु कन्या राशी से अपनी नवम दृष्टि से चन्द्र से बारहवें भाव को दृष्टि देंगे, इसीलिए अनावश्यक खर्चे हो सकते हैं| ब्रहस्पति की चन्द्र से बारहवें भाव की दृष्टि आपके मन में वैराग्य भाव, एकांतवास या धार्मिक झुकाव भी दे सकती है|
Guru transit 2016 – मिथुन राशी के उपाय
- विघ्नविनाशक गणेश हवन करायें|
- गुरूवार को गणेश पञ्चरत्नम सुनें|
- नीचे दिये गए मंत्र का 48 उच्चारण प्रति दिन करें:
- ॐ चतुर्भुजाय नमः| ॐ गुरवे नमः||
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Guru transit 2016 – कर्क राशी
कर्क राशी के जातकों के लिये ब्रहस्पति का ये गोचर चंद्रमा से तीसरे भाव में होगा| ज्योतिष में तृतीय भाव को शुभ स्थान नहीं माना गया है, तीसरे भाव मे ग्रह अस्त भी माने जाते हैं| Guru transit 2016 कर्क राशी के लिये मिश्रित फल देगा| शुभ फल इस बात पर depend करेंगे की कुंडली में ब्रहस्पति कितना strong है, कितना beneficial है|
- तृतीय भाव पराक्रम का भाव है, और यदि आपकी कुंडली में ब्रहस्पति पीड़ित नहीं है, तो आप अपने परिश्रम से, self efforts से, उन्नति हासिल करेंगे| अपने परिश्रम की सफलता आपके आत्मविश्वास को ऊँचा उठाएगी|
- छोटी यात्रा संतोषजनक रहेगी| मानसिक शान्ति के लिये छोटी तीर्थ यात्रा के भी योग बनेंगे|
- वर्तमान स्थान से स्थानान्तरण की सम्भावना रहेगी|
- सामाजिक मेलजोल से आपके नए मित्र बनेंगे| शुभ गुरु इस गोचर में आपके मित्रों, सहोदरों और पिता से सहयोग एवं सहायता के कारक बनेंगे|
- तृतीय भाव communication, लेखन और प्रकाशन आदि का भी भाव है, तो यह गोचर इस व्यवसाय के लोगों के लिये active समय रहेगा|
- साहित्य क्षेत्र के लोग, लेखक, कवी, पत्रकार, शिक्षक और creative writer आदि के लिये ये उत्तम समय है अपने करियर में उन्नति का|
- कन्या राशी गोचर में गुरु अपनी पंचम दृष्टि आपके राशी से सप्तम, यानी मकर राशि को देंगे और ब्रहस्पति कर्क राशी के लिए भाग्य भाव, नवम भाव के भी स्वामी हैं जो उनकी अपनी मीन राशी है| गुरु की ये शुभ दृष्टि आपके दांपत्य जीवन में नयी खुशियाँ लाएगी| गर्भ धारण और संतान प्राप्ति के योग बनेंगे और overall खुशहाली का वातावरण रहेगा|
- इस transit में ब्रहस्पति अपनी सप्तम दृष्टि अपनी स्वयं राशी मीन को देंगे जो आपका धर्म व भाग्य का नवम भाव है तो इस गोचर में आपका भाग्य आपका साथ देगा और आपका धर्म तथा अध्यात्मिकता में दिलचस्पी बढ़ेगी| Charity, दया दान आदि कर्मों में आपकी रूचि रहेगी|
- यदि आपके पिता का स्वास्थ्य ख़राब चल रहा हो तो इस समय आपके पिता के स्वास्स्थ्य में काफी improvement आएगी|
- गुरु नवम दृष्टि से चन्द्र से ग्यारहवें भाव यानी लाभ भाव को दृष्टि देंगे तो व्यापार के व्यवसाय के लोगों के लिये ये मुनाफे का, लाभ का समय है|
- पिता या पिता की तरफ से और सहोदरों की तरफ से आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं|
- Job में प्रमोशन और incentive आदि के भी chances हैं|
- Financial investment जैसे सोने में या किसी और instrument में निवेश फायदेमंद रहेगा|
- गुरु के साथ अगर बुध भी कुंडली में सशक्त है तो आपकी communication power बहुत अच्छी रहेगी, आप सशक्त तरीके से अपनी बात रख पायेंगे और उस बात को पूरी तवज्जो मिलेगी| इस दौरान अपने intelligence और communication skills का पूरा लाभ उठायें|
- यदि कुंडली में ब्रहस्पति पीड़ित है तो Guru transit 2016 के फल उतने शुभ नहीं होंगे|
- कर्क राशी के लिए ब्रहस्पति चन्द्र से छठे भाव का भी स्वामी हैं जो दुश्स्थान है, ऐसी स्थिति में आप काफी तनाव और निराशा से ग्रस्त रह सकते हैं|
- अपने उद्यमों में असफलता और रुकावटें आप को परेशान कर सकती है|
- मित्रों और सहोदरों से वाद विवाद एवं संघर्ष से बचें, गलतफहमी पैदा हो सकती है|
- Property के मामलों में loss के योग बन सकते है|
- आपके मित्र आपके शत्रु बन सकते हैं| इस तरह की स्थिति आपकी जरूरत के समय आपके अपनों को दूर कर सकती है|
- हर चीज में आपको अतृप्ति और असंतोष हो सकती है और जीवन में एक तरह की उद्देश्यहीनता आ सकती है|
- कार्यक्षेत्र की असफलता और तनाव से ज्यादातर समय शारीरिक रूप से थकावट और क्षीणता महसूस कर सकते हैं|
- Communication की विफलता से रिश्तों में खटास पैदा हो सकती है|
- बढ़ते हुए खर्चे आपकी चिंता का कारण बन सकती है|
- गुरु कन्या राशी में स्थित हो कर अपनी पंचम दृष्टि से चन्द्र से सप्तम को दृष्टि देंगे जिसके फलस्वरूप आपको अपनी प्रतिष्ठा एवं नाम बनाये रखने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है|
- ये दृष्टि life पार्टनर के रिश्तों में भी problem create कर सकती है|
- कुंडली में यदि ब्रहस्पति के साथ सूर्य भी पीड़ित है तो इस दौरान आपके पिता का स्वास्थ्य आपकी चिंता का विषय बन सकता है, क्यूंकि ब्रहस्पति की सप्तम दृष्टि आपके पितृ भाव नवम भाव पर रहेगी| कुडंली में अगर सूर्य भी अशुभ है या पीड़ित है तो इस समय खासकर पिता के स्वास्थ्य का बहुत अधिक ख्याल रखें|
Guru transit 2016 – कर्क राशी के उपाय
- मानसिक शांति के लिये चंडी हवन या दुर्गा हवन या दक्षिण भारतीय मंदिर में भगवती सेवा अपने नाम नक्षत्र के साथ करायें|
- मंगलवार और ब्रहस्पतिवार को महिषासुर मर्दिनी स्त्रोतम सुनें या पढ़ें|
- निम्न मंत्र का 48 उच्चारण रोज सुबह करें:
- ॐ अभीष्टदाय नमः| ॐ गुरवे नमः||

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