
Career Astrology – आज के आधुनिक युग में Profession एक बहुत ही महत्वपूर्ण area है हमारे जीवन का| नौकरी या व्यवसाय जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है| पुराने जमानों में भी व्यवसाय का महत्व था, पर जितना आज है उतना अभिन्न अंग कभी नहीं था| Career Astrology व्यवसाय से जुडी गुथियों को सुलझाती है|
शास्त्र कहते हैं “उद्योगम पुरुष लक्षणम” मतलब काम करना पुरुष का लक्षण है| पर समाज के बदले परिवेश में आज काम, नौकरी या व्यवसाय स्त्रियों के लिए भी उतना ही important बन चुका है है जब स्त्री पुरुष दोनों मिल कर ग्रहस्थी चलाते हैं|
पहले जमानों में profession गिने चुने होते थे – डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, teacher आदि| आज के समय में इतने ज्यादा व्यवसाय के options हैं जो पहले कभी सुने नहीं गए थे| साथ ही आज के समय में नौकरी से related ऐसे कई आयाम हैं जो पहले नहीं हुआ करते थे – job related stress, night shifts, job satisfaction आदि आदि|
तो ये सब चीजें career astrology से कैसे देखें? वो क्या combinations हैं career astrology में जो एक particular व्यवसाय को इंगित करते हैं? कैसे देखें job में सफलता या असफलता, mental satisfaction आदि? तो आइये आज बात करते हैं Profession – व्यवसाय की – ज्योतिष के दृष्टिकोण से|
Career Astrology में मुख्य भाव|
Career या व्यवसाय को मुख्यतः दशम भाव और दशमेश – यानि दशम भाव के स्वामी से देखा जाता है| दशम भाव कर्म से जुडा है और व्यवसाय नौकरी या काम धंधे से आजीविका कमाना भी एक महत्वपूर्ण कर्म है|
दशम भाव कुंडली का सबसे सक्रिय भाव है| इसे कुंडली का सर्वोच्च शिखर या Zenith माना जाता है| कुंडली के सबसे शुभ त्रिकोण भाव – पंचम भाव (या पूर्व पुण्य भाव) – से छठा भाव है दशम भाव, तो तो पूर्व पुण्य से जुड़े सब अनभिज्ञ तत्व दशम भाव है, जो सीधा हमारे पूर्व कर्मों और पूर्व पुण्य से जुडा है|
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Career Astrology को किन ग्रहों से देखें?
- Career Astrology में दशम भाव को लग्न से, चन्द्र से और शनि से देखा जाना चाहिए| इस तीनों से देखने की क्या जरुरत है, समझते हैं|
- लग्न से व्यवसाय के दैहिक सुख के बारे में देखते हैं की work place का atmosphere कैसा होगा, नौकरी व्यवसाय में satisfaction, ख़ुशी, बारम्बार स्थानांतरण या बार बार tour आदि के योग होंगे की नहीं|
- चन्द्र से व्यवसाय के mental satisfaction के बारे में देखते हैं| परस्पर सम्बन्ध, व्यवसाय में mental ability, job के प्रति ग्रहण बोध (Perception) और उपलब्धियां आदि चन्द्र से ही देखा जाता है|
- शनि से दशम अपने जूनियर्स से कार्य कराने की क्षमता, अपने सह प्रवर्तकों और colleagues के साथ understanding और अपने उच्चाधिकारियों सहयोग एवं आदर आदि के बारे में इंगित करता है|
- लग्नेश, चंद्रेश और दशमेश का आपस में inter-relation या पारस्परिक सम्बन्ध व्यवसाय /नौकरी आदि के लिए उत्तम माना जाता है| इनका आपस में राशि परिवर्तन, दृष्टि सम्बन्ध, मित्र ग्रह या युति आदि सब profession को strength देते हैं|
- जन्म कुंडली के support चार्ट यानि नवांश में इन्हें बलहीन नहीं होना चाहिए, ताकि profession आनंदकर हो सके|
- दशम भाव में नीच का, ग्रहण से पीड़ित, ग्रह युद्ध में हारा हुआ, शत्रु ग्रह या गिरा हुआ ग्रह नहीं होना चाहिए – ऐसी स्थिति में सफलता, कामयाबी, नाम या प्रतिष्ठा प्राप्त करने में बहुत दिक्कतें आती हैं और बहुधा नहीं मिल पाती हैं|
Career Astrology में व्यवसाय से जुडी उपलब्धियों को कैसे देखे?
पद-प्रतिष्ठा (Status) और रुतबा आदि के लिए सूर्य से दशम भाव और उसके स्वामी को देखा जाता है|
Profession में सम्मान, आदर और इज्जत आदि के लिए शनि से दशम भाव और इसके स्वामी को देखना पड़ता है|
Career Astrology में उपलब्धियों की देखने के लिए ब्रहस्पति में दशम भाव और दशमेश को देखें|
शोहरत, ख्याति और प्रसिद्धि आदि के लिए Career Astrology में बुध से दशम भाव और इसके स्वामी को देखा जाता है|
Profession में भौतिक प्राप्ति (Materialistic acquisition) और उनसे प्राप्त होने वाले आनंद को को देखने के लिए शुक्र से दशम भाव और इसके स्वामी को देखते हैं|
Profession में mental balance, परिस्थितियों को स्वीकारने की adjustment आदि या उच्च पद प्राप्ति आदि को चन्द्र/सूर्य से दशम भाव और दशमेश से देखा जायेगा|
Career Astrology में दशम भाव या दशमेश बल हीन हो?
- दशम भाव यदि कमजोर होगा तो जीवन में उन्नति और तरक्की कम मात्रा में मिलती है|
- ऐसे जातक अपनी क्षमताओं, योग्यताओं और काबलियत को पूरी तरह utilise नहीं कर पाते|
- Career Astrology में यदि दशम भाव का स्वामी यानी दशमेश पीड़ित हो मतलब नीच का हो, ग्रहण (eclipsed) में हो, ग्रह युद्ध में हारा हो या शत्रु राशि में हो तो ये एक प्रकार का कर्मफल दोष दिखता है|
- यदि दशमेश दुष्ट ग्रहों जैसे छठे, आठवें या बारहवें भाव से स्वामियों के साथ हो तो ऐसी स्थिति में profession में नियमित या systematic उन्नति नहीं होती| व्यवसाय में काफी उतार चढाव रहेंगे|
- उपरोक्त के सन्दर्भ में बारहवें भाव का स्वामी शुभ ग्रह हो तो आज के परिवेश में ये विदेश में नौकरी के योग भी दिखाता है|
- अगर छठे, आठवें या बारहवें भाव यानी दुषस्थानों के स्वामी उच्च के हों या स्वग्रही हों तो ये विपरीत राजयोग बन कर सफलता भी देता है, पर ये सफलता बहुत दिक्कतों के बाद ही मिलती भी है|
- षष्ठेश, मतलब छठे भाव का स्वामी यदि दशम भाव से या दशमेश से सम्बन्ध बनाये तो जातक में servitude – service की भावना काफी रहती है पर ऐसा जातक कभी Boss नहीं बनता|
Career Astrology में दशम भाव में ग्रहों की स्थिति|
- Career Astrology में शुभ ग्रह जैसे ब्रहस्पति दशम भाव में ज्यादा अच्छे नहीं माने जाते – व्यवसाय में ये अच्छी नौकरी या स्थायी व्यवसाय तो देंगे पर व्यावसायिक सफलता और उपलब्धियां आदि नहीं देते| अपने उच्चाधिकारियों के साथ अधिकतर तनाव और एक प्रकार का complex रहता है जिससे समस्याएं पैदा होती रहती है|
- दशम भाव में शुक्र अच्छा माना गया है और यदि दशम भाव का शुक्र वक्री भी हो और भी अच्छा| ऐसे जातक उत्तम किस्म के जन संपर्क अधिकारी (P R O) बन सकते हैं|
- यहाँ negative point ये है की दशम भाव में शुक्र दिग्बल में कमजोर होता है मतलब directional strength कम होता है और इस तरह बलहीन माना जाता है| ऐसे case में official परिवेश में विपरीत लिंग के प्रति कमजोरी हो सकती है या उसकी उदारता (softness) का बहुधा लोग फायदा उठा जाते हैं|
- Career Astrology में बुध दशम भाव में अच्छा तो माना गया है पर बहुत अच्छा नहीं माना गया क्यूंकि ये जातक को व्यवसाय में कुबुद्धि दे सकता है|
- दशम भाव में स्थित बुध यदि मंगल से दृष्ट हो जाये तो ऐसा जातक व्यवसाय में हिंसक रूप में आवेगी (violently impulsive) हो सकता है|
- दशम भाव में स्थित बुध यदि चन्द्र से दृष्ट हो जाये जातक भावात्मक रूप से आवेगी (emotionally impulsive) हो सकता है|
- दशम भाव में स्थित बुध यदि शनि से दृष्ट हो जाये तो ऐसे जातक में विनाशकारी उद्वेग हो सकता है|
- दशम भाव में स्थित बुध यदि ब्रहस्पति से दृष्ट हो तो जातक को व्यावसायिक मान सम्मान प्रतिष्ठा आदि दिलाता है और जातक दूसरों के मदद में अपने को भूल सकता है|
- दशम भाव का बुध राहू से किसी तरह का सम्बन्ध बनाये तो ये जातक को व्यवसाय में असाधारण हिम्मत, अपने पर सम्पूर्ण नियंत्रण, उपलब्धियां, नाम, पद प्रतिष्ठा आदि देता है क्यूंकि बुध की दोनों राशी में मिथुन और कन्या में राहू हमेशा अच्छा माना गया है|
- Career Astrology में दशम भाव में हालाँकि अनिष्ट ग्रह ज्यादा अच्छे नहीं माने जाते पर ऐसे ग्रह दशम भाव को बल देता हैं और जातक को व्यावसायिक सफलता देता है|
- विशेषकर सूर्य दशम भाव में जातक को मान सम्मान, awards, पद प्रतिष्ठा और सरकारी अनुग्रह आदि प्रदान करता है| ऐसा व्यक्ति कभी न कभी जीवन सरकारी कृपा का प्रार्थी बनता है|
- दशम भाव में चन्द्र job के प्रति अच्छी mental strength देता है, साथ ही शत्रु विजय, पराक्रम और धन देता है| ऐसे जातक बहुधा कुछ ऐसे कार्यों में होते हैं जहाँ विपरीत लिंग से ज्यादा dealings रहती हैं|
- मंगल को दशम भाव में दिग्बली माना गया है| मंगल यहाँ जातक को असाधारण प्रशासनिक कुशलता देता है|
- दशम भाव में शनि ज्यादा अच्छा तो नहीं माना गया पर ऐसे जातक चाहें तो अच्छे राजनीतिज्ञ बन सकते हैं|

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