
Coral gemstone
Coral stone – मंगल का रत्न मूंगा – कौन धारण कर सकता है? एक Astrologer और Gemologist की हैसियत से सबसे ज्यादा आम प्रश्न मुझसे पूछा जाता है की मैं कौन सा रत्न धारण करूँ या कौन सा रत्न मुझे suit करेगा|
जैसा मैंने अपने पहलेवाले इस article में कहा था की मैं हर रत्न को हर लग्न से मिलकर बताऊँगा की कौन से लग्न को कौन सा रत्न सूट करेगा और क्यों, तो इसी series में आइये दोस्तों आज हम मंगल ग्रह के रत्न मूंगे (red Coral stone) की बात करते हैं की प्रत्येक लग्न का मंगल से क्या सम्बन्ध है और Moonga stone धारण कर सकते हैं की नहीं|
ज्योतिष में सूर्य और चन्द्र एकाधिपति हैं मतलब एक भाव के स्वामी, पर बाकी समस्त ग्रहों के स्वामित्व में दो भाव आते हैं| सूर्य और चन्द्र चूँकि एकाधिपति हैं इसलिए इनका रत्न निर्धारण थोडा आसान हो जाता है| जब दो भावों का स्वामित्व आता है तब एक भाव शुभ और दूसरा अशुभ हो तो रत्न निर्धारण में काफी सावधानियां लेनी पड़ती है|
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मेष लग्न और Coral stone
राशी चक्र की पहली राशी है मेष जिसके स्वामी खुद मंगल ही हैं| मेष राशी के लग्न में मंगल के स्वामित्व में अष्टम भाव वृश्चिक भी आएगा| (प्रथम मेष, फिर क्रमशः वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और अष्टम वृश्चिक)
अष्टम भाव को ज्योतिष में सबसे ज्यादा दुश्स्थान (malefic house) माना गया है| पर मेष राशी के लिए अष्टम भाव का exception – अपवाद है – यहाँ लग्नेश खुद अष्टमेश हैं, और इसीलिए इन्हें अष्टम का दोष नहीं लगता|
मेष राशी के लग्न के लिए मूंगा पहनना अति उत्तम है, Coral stone is life stone for Aries. मेष लग्न के लिए मूंगा सब तरह के शुभ फल देगा – अच्छा स्वास्थ्य, हिम्मत निर्भयता पराक्रम, नाम तथा यश आदि सब मूंगा पहनने से हासिल होंगे|
वृषभ लग्न और Coral stone
राशी चक्र की दूसरी राशी है वृषभ, जो शुक्र के स्वामित्व की पहली राशी है| मंगल के स्वामित्व में सातवाँ भाव और बारहवां भाव होगा (लग्न वृषभ, फिर क्रमशः मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक – मंगल राशी, धनु, मकर, कुम्भ, मीन और बारहवां मेष – मंगल राशी)
सप्तम भाव केंद्र भाव – शुभ भाव है पर एक मारक भाव भी है जबकि बारहवां भाव दुश्स्थान है – मतलब अशुभ भाव, पर neutral अशुभ| वृषभ लग्न के लग्नेश शुक्र है जो मंगल का शत्रु ग्रह है| इस case में coral stone पहनना शुभ फल नहीं देगा|
यदि मंगल इन दोनों में किसी भी भाव में स्थित हो तो स्वग्रही बन जाएगा और उस case में मंगल की महादशा में moonga gemstone पहना जा सकता है|
सप्तम भाव हालाँकि शुभ केंद्र भाव है पर ये एक मारक भाव भी है और सप्तमेश मारक, पर यदि सप्तमेश लग्नेश का मित्र ग्रह हो तो मारक तत्व काफी कम हो जाता है|
Coral stone और मिथुन लग्न
अब बात करते हैं मिथुन लग्न की जो बुध की राशी है| मिथुन लग्न में मंगल छठे तथा ग्यारहवें भाव के स्वामी बनते हैं| (लग्न मिथुन, फिर क्रमशः कर्क, सिंह, कन्या, तुला, छठा वृश्चिक – मंगल राशी, धनु, मकर, कुम्भ, मीन और ग्यारहवां मेष – मंगल राशी)
नैसर्गिक रूप से मिथुन राशी के लग्नेश बुध मंगल के शत्रु हैं| भावों की बात करें तो छठा भाव रोग ऋण रिपु भाव होते हुए अशुभ भाव और ग्यारहवां भाव लाभ भाव होते हुए शुभ है|
इस स्थिति में मंगल यदि स्वग्रही हो मतलब यदि छठे या ग्याहरवें भाव में ही स्थित हो या कुंडली में शुभ हो तो मंगल की महादशा और अन्तर्दशा में coral stone पहना जा सकता है|
कर्क लग्न और coral gemstone
राशी चक्र की चतुर्थ राशी कर्क राशी है जो चन्द्र की राशी है| कर्क लग्न में मंगल पांचवें भाव तथा दशम भाव के स्वामी बनते हैं (लग्न कर्क, फिर क्रमशः सिंह, कन्या, तुला, पांचवां वृश्चिक – मंगल राशी, धनु, मकर, कुम्भ, मीन और दसवां मेष – मंगल राशी)
पंचम भाव पूर्व पुण्य भाव और पुत्र भाव है और दशम भाव कुंडली का सबसे सक्रिय – कर्म भाव है| कर्क राशी के लग्नेश चन्द्र मंगल के मित्र ग्रह है और मंगल का दोनों भाव स्वामित्व शुभ है|
कर्क राशी के लिए coral stone बहुत ही शुभ फल देगा| कर्क राशी केलोगों को अवश्य moonga धारण करना चाहिए| मूंगा भाग्य को खोलेगा, नाम यश, success, व्यवसायिक उन्नति और अच्छी औलाद देने में help करेगा|
और अगर इस लग्न के जातक मूंगे के साथ ही मोती भी जड़वा लें तो सोने पे सुहागा समझिये| Wealth create करने के लिए बहुत बढ़िया combination है ये moonga मोती सम्मिश्रण|
सिंह लग्न और coral stone
अब बात करते हैं सूर्य की राशी सिंह की| सिंह लग्न में मंगल चौथे तथा नवम भाव के स्वामी बनते हैं (लग्न सिंह, फिर क्रमशः कन्या, तुला, वृश्चिक – मंगल राशी, धनु, मकर, कुम्भ, मीन और नौवां मेष – मंगल राशी)
Leo लग्न में मंगल के स्वामित्व में दोनों भाव शुभ हैं – चौथा भाव सबसे important केंद्र भाव जो सुख भाव मात्रु भाव आदि है और नवम भाव – शुभ त्रिकोण भाव जो धर्म भाव और पितृ भाव आदि है|
सिंह लग्न के लग्नेश सूर्य मंगल के मित्र ग्रह हैं और मंगल का भाव स्वामित्व शुभ – इस case में मूंगा धारण बहुत ही शुभ फल देगा| भूमि, अचल संपत्ति, नाम यश, सुख, मात्रु बलम, पितृ बलम आदि के लिए coral stone पहनना बहुत ही अच्छा रहेगा|
और अगर इस लग्न के जातक मूंगे के साथ ही माणिक भी पहनें तो अति उत्तम| मूंगा माणिक का ये combination मंगल की महादशा और अंतरदशाओं में बढ़िया फल देगा|
कन्या लग्न और moonga stone
राशीमंडल की छठी राशी है कन्या राशी जो बुध के स्वामित्व की दूसरी राशी है| कन्या लग्न में मंगल तीसरे और अष्टम भाव के स्वामी बनते हैं (लग्न कन्या, फिर क्रमशः तुला, वृश्चिक – मंगल राशी, धनु, मकर, कुम्भ, मीन और आठवां मेष – मंगल राशी)
तीसरा भाव उपचय भाव है – मतलब growth का भाव और उपचय भाव क्रूर और उग्र ग्रहों के लिए अच्छा माना गया है| मंगल के लिए ये भाव स्वामित्व अच्छा है| पर अष्टम भाव कुंडली का सबसे अशुभ दुश्स्थान माना गया है और इसलिए मंगल का ये भाव स्वामित्व अशुभ है|
कन्या लग्न के लग्नेश बुध मंगल के शत्रु ग्रह हैं इसलिए इस लग्न के लिए मूंगा अच्छे फल नहीं देगा| इसका exception है की यदि मंगल इन दोनों में किसी भी भाव में ही स्थितं हो तो मंगल की महादशा या अन्तर्दशा में मूंगा पहना जा सकता है|
तुला लग्न और coral stone
राशि चक्र की सातवीं राशी तुला है| तुला शुक्र के स्वामित्व की दूसरी राशि है| मंगल दूसरे और सप्तम भाव के स्वामी बनते हैं (लग्न तुला, फिर क्रमशः वृश्चिक – मंगल राशी, धनु, मकर, कुम्भ, मीन और सातवाँ मेष – मंगल राशी)
वृषभ राशी में भी मंगल सप्तम भाव के स्वामी बनते हैं और तुला में भी| फर्क ये है की वृषभ में सप्तम भाव वृश्चिक बनता है जो मंगल की negative राशी है और तुला में सप्तम मेष बनता है जो मंगल के positive राशी है|
दूसरा भाव धन भाव है और सप्तम भाव केंद्र भाव है जो विवाह partnership आदि से सम्बंधित है| मंगल का भाव स्वामित्व तो अच्छा है पर तुला राशी के लग्नेश शुक्र मंगल के शत्रु ग्रह हैं| मूंगा तुला के लिए अनुकूल stone नहीं है|
यहाँ भी exception है – यदि मंगल सप्तम भाव में स्थित हो तो स्वग्रही होकर अच्छे फल देगा| मंगल इस case में अपने भाव से लग्न को, दशम भाव को और अपने ही दूसरे भाव वृश्चिक को दृष्टि देगा| अपनी महादशा और अंतर दशा में coral stone धारक को अति उत्तम फल देगा|
सप्तम भाव हालाँकि शुभ केंद्र भाव है और द्वितीय भाव शुभ है पर ये दोनों मारक भाव भी है और द्वितीयेश – सप्तमेश अपनी दशा में मारक, पर यदि ये लग्नेश का मित्र ग्रह हो तो मारक तत्व काफी कम हो जाता है|
वृश्चिक लग्न और red coral stone
अगली राशी है वृश्चिक जो राशीमंडल की आठवीं राशी और मंगल की अपनी ही राशी है| इस लग्न में मंगल के स्वामित्व में छठा भाव भी आएगा| (वृश्चिक लग्न, फिर क्रमशः धनु, मकर, कुम्भ, मीन और मेष)
छठा भाव ज्योतिष में दुश्स्थान माना गया है पर ये उपचय भाव भी है – मतलब growth का भाव| क्रूर और उग्र ग्रह का स्वामित्व दुश्स्थान पर होना अच्छा माना जाता है|
क्यूंकि यहाँ मंगल खुद लग्नेश भी है और षष्ठेश भी – इसलिए वृश्चिक लग्न के लिए मूंगा पहनना शुभ फल देगा| Red coral stone इस case में अच्छा स्वास्थ्य, नाम यश, हिम्मत और और धन संपत्ति देने में सहायक होता है|
धनु लग्न और moonga
वृश्चिक के बाद आती है धनु राशी जो राशिचक्र की नौवीं राशी है| धनु ब्रहस्पति के स्वामित्व की पहली राशी है| मंगल के स्वामित्व में पंचम भाव और बारहवां भाव आयेगा| (धनु लग्न, फिर क्रमशः मकर, कुम्भ, मीन, मेष-मंगल राशी, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक – मंगल राशी)
धनु लग्न के लग्नेश ब्रहस्पति मंगल के मित्र ग्रह हैं और ज्योतिष में सबसे उदार और शुभ ग्रह है| मंगल के स्वामित्व में पंचम भाव बहुत ही शुभ त्रिकोण भाव है और बारहवां भाव हालाँकि दुश्स्थान की category में आता है लेकिन ज्यादातर neutral भाव माना जाता है|
धनु लग्न के लिए moonga धारण शुभ फल देगा| भाग्य के लिए, नाम यश आदि के लिए, बच्चों के लिए और विदेश गमन आदि के लिए मूंगा पहनना बहुत अच्छा रहता है| विशेषकर मंगल की महादशा और अंतरदशा में उतम फल मिलेंगे|
मकर लग्न और coral
अगली राशी है मकर जो कर्माधिपति शनि के स्वामित्व के पहली राशी और राशी चक्र की दशम राशी है| मंगल चौथे और ग्यारहवें भाव के स्वामी बनते हैं| (मकर लग्न फिर क्रमशः कुम्भ, मीन, मेष-मंगल राशी, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक – मंगल राशी)
इस case में मंगल के स्वामित्व में दोनों भाव शुभ भाव हैं| चतुर्थ भाव कुंडली का सबसे शुभ केंद्र भाव है जिसे सुख भाव तथा मात्रु भाव आदि से जाना जाता है| ग्यारहवां भाव लाभ भाव है| हालाँकि लग्नेश शनि मंगल के शत्रु ग्रह हैं फिर भी मकर लग्न के लिए मंगल महादशा और अन्तर में मूंगा धारण शुभ और गुणकारी है क्यूंकि शनि की राशी मकर में मंगल उच्च (exalted) के होते हैं|
Coral stone मकर लग्न के लिए मंगल की दशा में भूमि एवं property की प्राप्ति, मुनाफा, लाभ, घरेलु सुख और माता से मधुर सम्बन्ध आदि के लिए मूंगा पहनना गुणकारी है|
कुम्भ लग्न और moonga stone
शनि के स्वामित्व की अगली राशी है कुम्भ राशी जो राशी चक्र की ग्यारहवीं राशी है| मंगल तीसरे और दशम भाव के स्वामी बनते हैं| (कुम्भ लग्न फिर क्रमशः मीन, मेष-मंगल राशी, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक – मंगल राशी)
तीसरा भाव उपचय भाव है – मतलब growth का भाव और उपचय भाव क्रूर और उग्र ग्रहों के लिए अच्छा माना गया है| मंगल के लिए ये भाव स्वामित्व अच्छा है| दशम भाव कुंडली का सबसे सक्रिय – कर्म भाव है| मंगल के स्वामित्व के दोनों भाव शुभ हैं|
कुम्भ लग्न के लग्नेश शनि मंगल के शत्रु ग्रह हैं| इस case में मूंगा सिर्फ मंगल की महादशा या अंतरदशा में ही पहना जा सकता है| और यदि मंगल दशम भाव में ही हैं तो moonga पहनना और भी अच्छा है क्यूंकि दशम भाव में मंगल दिग्बली होते हैं|
मीन लग्न और मूंगा
राशी चक्र की आखिरी राशी यानी बारहवां भाव है मीन राशी जो ब्रहस्पति के स्वामित्व की दूसरी राशी है| मंगल दुसरे और नौवें भाव के स्वामी होते हैं| (मीन लग्न फिर क्रमशः मेष-मंगल राशी, वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला और वृश्चिक – मंगल राशी)
मीन लग्न के लग्नेश ब्रहस्पति ज्योतिष के सबसे उदार और शुभ ग्रह हैं और मंगल के मित्र हैं| इस case में coral stone धारण करना अति उत्तम है| और मूंगे के साथ पुखराज पहनना सोने पे सुहागे के जैसा होगा – ये combination उन्नति, सौभाग्य, भूमि सुख जैसे कई ऐश्वर्यों का कारक बनता है|

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