
Easy Meditation in Hindi – Meditation या ध्यान मानवता को सृष्टिकर्ता का सबसे बड़ा उपहार है| उसने हर इंसानी दिमाग को इसके लिए programme किया है| हम सब रोजमर्रा के जीवन में कई बार meditation करते रहते हैं, पर अनजाने में, unconsciously, अचेतन रूप में|
जब आप अपने मनपसंद TV show में मग्न होते हैं इस कदर की बच्चों के बुलाने की आवाज नहीं सुन पाते, तो आप मैडिटेशन में हैं, ध्यानमग्न हैं| जब आप किसी किताब को पढने में डूबें हैं इस कदर की अगर कोई आपके कंधे पर हाथ रख दें और आप चौंक जायें, तो आप ध्यानमग्न हैं| पर फरक यह है की ये जो meditation है, ये जो ध्यान है, ये अनजाने का ध्यान है, unconscious ध्यान है, अवचेतन ध्यान है क्यूंकि आप अपने मनपसंद की क्रिया में पूरी तरह तल्लीन थे|
जब आप आराम से बैठ कर शांत दिमाग से किसी चीज पर अपना पूरा ध्यान केन्द्रित कर चिंतन करें या शांत दिमाग के साथ आराम से पर alert होकर बिना ऊंघते हुए, अपने विचारों का अवलोकन कर रहे हों, ये सचेतन ध्यान है, meditation है|
जब भी हम ध्यान या Meditation के बारे में पढ़ते हैं तो हर जगह दिखाया जाता है समुद्र या आकाश या जंगल के background में कोई पद्मासन पर बैठा है और ध्यान कर रहा है| Meditation के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं है दोस्तों, आइये आज एक बहुत ही आसान easy meditation – सरल ध्यान के तरीके के बारे में बात करते हैं जो आप अपने घर पर या बिस्तर पर बैठे ही कर सकते हैं|
Easy meditation क्यों किया जाये?
जब आपका मन शांत हो, दिमाग में खलबली ना हो, और आप अपने विचारों को देख रहे हो, अपने विचारों का अवलोकन कर रहे हों, तो थोड़ी ही देर में विचार उठने बंद हो जाते हैं, और आप चेतना के एक नए आयाम, एक नए level पर पहुँच जाते हैं| चेतना के इस आयाम में आप अपने पूरे जीवन को reprogram कर सकते है, बदल सकते हैं| चेतना के इस परम शान्ति और परम आनंद की अवस्था में आप गुस्से, तनाव और बुरी आदतों पर नियंत्रण पा सकते हैं| अगर आप अपने जीवन में तारतम्य चाहते हैं, harmony चाहते हैं, तो easy meditation करें, सरल ध्यान करें|
Easy Meditation – ध्यान का सबसे आसान तरीका
इस article के पहले भाग में मैंने relaxation का एक बेहद आसान तरीका discuss किया था| Relaxation के उसी तरीके से 10-12 मिनट लेट कर या बैठ कर relax करने के बाद किसी भी comfortable तरीके से बैठ जायें| आप जमीन पर थोडा मोटा कपडा रख कर सुखासन में cross-legged पालथी मार कर बैठ सकते हैं| जमीन पर इस तरह से बैठने में कोई दिक्कत हो तो कुर्सी पर बैठ सकते हैं| बैठते वक्त एक ही चीज का ख्याल करना है की आप की रीढ़ की हड्डी, मेरुदंड, जितनी हो सके, एकदम सीधी रखें|
जब आप रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधी रख कर, तन कर बैठते हैं, ये आपके आत्मविश्वास में बढ़ोत्तरी करता है और आपके अपने ऊपर, आपकी अथॉरिटी को बढाता है| और साथ ही ये posture आपको पूरी तरह से alert भी रखता है| अभी जब आप यह lines पढ़ रहें हैं तो इस posture को try कीजिये और फरक अभी देखिये| अब आप नीचे बताये गये तरीके को step by step करें|
- रीढ़ ही हड्डी सीढ़ी रख कर आराम से बैठ जाएँ| अब आप बैठे बैठे गहरी सांस लेना शुरू करें| पहले 3 – 4 गहरी सांस लें| धीरे धीरे पूरी सांस लें और पूरी सांस धीरे धीरे छोड़ें| इस तरह गहरी सांस लेने से आपके mind में oxygen ज्यादा जायेगा और आपका mind शांत होना शुरू हो जायेगा|
- तीन चार सांस लेने के बाद अगली सांस अन्दर लेने से पहले अपने दिल में बोलें “एक”| ये एक बोलना आप चाहें तो आवाज में भी बोल सकते हैं, पर मेरे अनुभव में मौन रह कर दिल में बोलना ज्यादा असरकारक है| एक बोल कर Inhale करें धीरे धीरे जितना आप आराम से कर सकें|
- अपने फेफड़ों की पूरी capacity तक भरें, फिर कुछ सेकंड्स रुकें, जितनी देर आप आराम से रोक सकें| सांस अन्दर लेते वक्त आपने अपने श्वास की आवाज को सुनना है| पूरा ध्यान अन्दर लेने वाली साँस पर होनी चाहिए, इसके लिए आप अपने श्वास को सुनें| अब exhale करें, रोकी हुई सांस को धीरे धीरे अपनी capacity के हिसाब से छोड़ें|
- इस पूरी क्रिया में कहीं भी आपको किसी भी चीज के force नहीं करना है, जोर नहीं लगाना है, सहजता से आराम से करना है| जब सांस पूरी तरह निकल जाये तो एक second रुकें. यहाँ आप चाहें तो मन में Stop भी बोल सकते हैं|
- अब दिल में फिर पहले की तरह बोलें “दो” और फिर पहले की तरह, आराम से धीरे धीरे अपने श्वास को सुनते हुए सांस पूरी अन्दर लें|
- अपनी capacity के हिसाब से कुछ पल रोकें (ना भी रोक सकें तो कोई दिक्कत नहीं है, बस पूरी सांस अन्दर लें) साँस को धीरे धीरे exhale करें, पूरी तरह बाहर निकाल दें, फिर एक पल रुकें, और आगे तीन गिनें, और इस प्रोसेस को “दस” गिनने तक repeat करें|
- जब आप दस तक गिन कर इस प्रोसेस को कर लें, तो एक पल रुकें, और तीन बार बिना गिने सांस लें और छोड़ें, पर थोडा जल्दी|
- तीसरी सांस मुंह खोल कर, मन में “आsह” बोलते हुए आराम से छोड़ें, इस बार आपने exhale करने वाली साँस की आवाज सुननी है| जब पूरी श्वास बाहर निकल जाये तो मुंह बंद करते ही बोलें “एक”|
- अब फिर गहरी सांस पूरी अन्दर लें, आराम से रोक सकें तो रोकें, पूरी सांस मुंह खोलकर मन में “आsह” बोलते हुए और अपनी श्वास को सुनते हुए छोड़ें, अंत में मन में ही मुंह बंद करते ही, बोलें “दो”| फिर साँस लेने छोड़ने को repeat करें “तीन” गिनें और इसी तरह “दस” गिनने तक इस प्रोसेस को repeat करें| इन दोनों क्रियाओं में अगर शुरू शुरू में दस तक ना कर सकें, तो पांच तक ही करें|
- शुरू शुरू में आप inhalation और exhalation के दस दस गिनती का एक राउंड करें, जब तक आप comfortable ना हो जाएँ| मेरे अनुभव में regularly अगर आप सिर्फ सात दिन इस easy meditation को करें, आप इसे enjoy करना शुरू कर देंगे| उसके बाद दो दो काउंट करके रोज बढ़ाएं
यहाँ थोडा ध्यान दें – आपको सांस अन्दर लेने से पहले की काउंटिंग और सांस छोड़ने के बाद वाली काउंटिंग के प्रति थोडा एहतियात बरतना है| अब आप पूछेंगे की inhale करने से पहले गिनना और exhale करने में बाद गिनने में आखिर क्या फर्क है? वास्तव में होता क्या है की जब आप गिनने के बाद inhale करते हैं, तो आपकी inhalation मतलब सांस अन्दर लेने की प्रक्रिया गहरी होगी, deep होगी क्यूंकि आपका focus उस समय गिनती की वजह से inhalation पर होता है|पर जब आप exhalation के अंत में एक बोलते हैं, तो अगली exhalation से आपका focus गिनती की वजह से, अपने आप exhalation पर shift हो जाएगा और सांस छोड़ने की प्रक्रिया गहरी हो जायेगी|
ज्यादा परेशान न हों, ये एक automatic प्रक्रिया है जिसमे आप को कुछ नहीं करना, ये shift of focus अपने आप हो जाता है| मेरा अनुभव ये बताता है की तीन सांस लेने या छोड़ने के बाद आप अपने breathing pattern की गहराई का फरक notice करने लगेंगे| सिर्फ एक बात का ख्याल रखें, इस पूरी प्रक्रिया में कभी भी सांस रोकने या धीरे धीरे छोड़ने में force न लगायें, जब तक आप comfortable न हों| अगर आप सांस न भी रोक पायें, ये method पूरा काम करेगा| धीरे धीरे आगे बढ़ें, बाकी सब अपने आप हो जायेगा|
कुछ ही दिनों की easy meditation practice के बाद आप notice करेंगे की आपकी सांस बहुत महीन, बहुत subtle और shallow हो जायेगी, मतलब आप सही रास्ते पर हैं| Easy meditation के अगले phase में साँसों के बीच gap बढ़ जायेगा और आप गहरी शांती, स्थिरता और निःशब्दता feel करेंगे|
ये ही वो phase है जहाँ से आप अपने जीवन को reprogram कर सकते हैं| इस स्टेज पर आप को किसी आदत को छोड़ना है, क्रोध पर नियंत्रण करना है या जो कुछ भी आप जीवन में बदलना चाहते हैं, वो सब कर सकते हैं| इस स्टेज पर आप अपने mind को जो निर्देश देंगे, वो आपके sub-conscious mind, अवचेतन मस्तिष्क में पहुँच कर काम शुरू कर देगा और आप इसके परिणामों से अचंभित रह जायेंगे|
इस easy meditation को करते वक्त आपने बिना किसी expectation के, बिना किसी judgement के, सिर्फ अनुभव करना है, अपने अस्तित्व का| अपने असली व्यक्तित्व को, अपने महान स्वयं को जो सब्र से आपकी प्रतीक्षा में है, उसे खोजने की यात्रा यहाँ से आरंभ होती है| इस practice को जारी रखिये, इसे enjoy कीजिये, प्रभु हम सब का भला करें|

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