
Upratna : Upratna क्या हैं? क्या नवरत्नों के gemstone substitute कौन से हैं? यदि कोई नवरत्न जैसे माणिक, पन्ना, पुखराज आदि ना पहन सकें तो क्या इनका कोई alternative gemstone है?
नवग्रह नवरत्नों के बारे में काफी जानकारी नवरत्न के इस सेक्शन में दिया गया है| कई बार लोग मुझसे उपरत्नों के बारे में पूछते हैं| साइट पर भी कुछ पाठकों ने मुझसे उपरत्न के बारे में जानकारी देने की बात की है | तो आइये आज उपरत्नों के बारे में बात करते हैं|
उपरत्न यानी Alternative stones या Substitute gemstones. नवग्रह नवरत्न जैसे मोती, मूंगा माणिक आदि से कमजोर ग्रहों को बल दिया जा सकता है, पर कई बार इनकी कीमत इनके पहनने में आड़े हाथ आ जाती है| ऊँचे price के वजह से हर कोई इन्हे afford नहीं कर सकता| पर इसका मतलब यह नहीं की आप ग्रहों के लिए रत्न नहीं धारण कर सकते| हमारे पुराणों में जहाँ नवरत्न का जिक्र आता है वहीँ इनके उपरत्नों का भी mention है|
Upratna के प्रकार
शास्त्रों के अनुसार 84 प्रकार के रत्न प्रकृति में पाए जाते हैं जिन्हे धारण करके मानव अपने जीवन को खुशहाल बना सकता है| इनमे 9 सबसे बहुमूल्य रत्न, नवरत्न की category में आते हैं, जिनके बारे में यहां पढ़ा जा सकता है| बाकी 75 किस्म के जो रत्न हैं उनमे से कई तो विलुप्त हो चुके हैं| बाकी जो बचते हैं, उनमे से कई रत्नों का कभी कभार rarely ही use होता है| इनमे से कुछ का प्रयोग आयुर्वेद में विशेष तरीके से बनायीं गयी भस्म, पिष्टी, और गुलिका आदि में प्रयोग होता है| इनमे से कुछ और का प्रयोग मूर्ती, ग्लास, प्याली और सजावटी हैंडल आदि बनाने में प्रयोग होता है| ये Semi Precious stones यानी काम बहुमूल्य पत्थरों की श्रेणी में आते हैं|
इनमे जो आजकल प्रचलित हैं तथा जो आसानी से मिल जाते हैं, आज हम उन्ही पत्थरों की बात करेंगे| पहले हम बात करेंगे upratna की, या Alternative stones की, जिन्हें Substitute gemstones से भी जाना जाता है, जिन्हें नवरत्नों की जगह उपरत्नों की तरह पहना जा सकता है| Article के दूसरे भाग में दूसरे कम बहुमूल्य रत्नो को discuss करेंगे जिनके और कई प्रयोग हैं|
तो शुरू करते हैं सौर मंडल के सबसे महत्वपूर्ण ग्रह सूर्य की, जो natural zodiac का केंद्र है और जिसके चारों तरफ बाकी ग्रह प्रदक्षिणा करते है:
सूर्य का upratna
सूर्य का शास्त्रोक्त रत्न माणिक है जिसे Ruby के नाम से भी जाना जाता है| माणिक पहनने की स्थिति ना होने पर Red Garnet जिसे हिंदी में “तामडा” के नाम से जान जाता है, पहना जा सकता है| देखने में ये चमकीला गहरा लाल चिकना और सुन्दर पत्थर है| इसकी अंगूठी, pendant या माला सौभाग्य के लिए, अच्छे स्वास्थ्य के लिए, मान सम्मान तथा यश में बढ़ोतरी आदि के लिए पहनी जाती है| स्वास्थ्य की दृष्टी से ये upratna जोड़ों के दर्द आदि के लिए भी अच्छा माना जाता है| इसके आलावा Red Tourmaline जिसे “लाल तुरमली” से जाना जाता है, माणिक के upratna के रूप में पहन सकते हैं| तुरमली कई रंगों में आता है, माणिक के upratna के रूप में लाल तुरमली ही पहना जायेगा| Red Spinal भी एक upratna है माणिक का, जिसे “लाल स्पाइनल” से जाना जाता है|
चन्द्र का upratna
चन्द्र का शास्त्रोक्त रत्न Pearl या मोती है जो खनिज ना होते हुए एक जैवीय तरीके से बना रत्न है| मोती के upratna के रूप में “चंद्रकांत मणि” को पहन सकते हैं, जिसे अंग्रेजी में Moonstone तथा संस्कृत में “गोदंती” कहते हैं| देखने में ये दूधिया अपार – पारदर्शक होता है| इसके अलावा मोती के upratna के रूप में Quartz जिसे “स्फटिक” या “बिल्लौर” के नाम से जाना जाता है, पहन सकते हैं| स्फटिक का आज के युग में और भी महत्व बढ़ गया है| इसे पत्थर को सुनिश्चित खास कोणों से काट कर तराशकर इसके कणों को घड़ियों, कम्प्यूटरों तथा radars एवं अन्तरिक्ष उपकरणों में तक लगाया जाता है| इस पत्थर में एक खास चुम्बकीय शक्ति होती है जो शरीर की गर्मी को शोषित कर मस्तिष्क को ठंडा रखती है| ठंडक चन्द्र ग्रह की एक खासियत है|
मंगल का upratna
मंगल का रत्न Coral या मूंगा है जो मोती की तरह ही खनिज पदार्थ ना होकर एक जैवीय पदार्थ से निर्मित रत्न है| मूंगा के उपरत्न के रूप में Carnelian पहना जा सकता है जिसे “रतुवा” के नाम से जाना जाता है| ये लाल भूरा (red – brown) संतरी रंग का होता है| विश्वास है की इसकी माला पहनने से सहनशक्ति, आत्मविश्वास बढ़ता है और दृष्टि दोष बुरी नजर से बचाव होता है| इसके अलावा मूंगे के स्थान पर Red Jasper या “लाल जेस्पर” भी पहना जा सकता है| जैसे मंगल को भूमि पुत्र कहा जाता है वैसे ही इस पत्थर का भी पृथ्वी से strong सम्बन्ध है क्यूंकि शायद ही कोई ऐसा स्थान होगा जहाँ ये पत्थर किसी ना किसी रूप में ना पाए जाते हों| ये पत्थर Chalcedony family का stone है|
बुध का upratna
बुध का रत्न Emerald या पन्ना है| पन्ने के उपरत्न के रूप में Aquamarine जिसे हिंदी में “बेरूज़” रत्न कहते हैं, पहना जा सकता है| पन्ने की तरह की ये रत्न भी Beryl family का रत्न है पर पन्ने से ज्यादा affordable है| ये पन्ना जाती का हल्का आसमानी रंग का सुन्दर पत्थर है| पहले जमाने में जल यात्रा और समुद्री मार्ग से व्यापार करने वालों के लिए यह विशेष फलदायी माना जाता था| इसके आलावा Peridot जिसे हिंदी में “ज़बर्ज़द” के नाम से जाना जाता है, इसे भी पन्ने की जगह पहन सकते हैं| पर ये पत्थर इतनी आसानी से मिलता नहीं है| एक और पत्थर आता है – Green Agate – जिसे पन्ने की जगह पहन सकते हैं| इसी तरह एक और पत्थर है – Jade – जिसे “हरिताश्म” पत्थर कहते हैं, इसे भी पन्ने की जगह पहना जा सकता है| पर best है बेरूज या Aquamarine.
ब्रहस्पति का upratna
Yellow Sapphire या पुखराज ब्रहस्पति का रत्न है| पर cost की वजह से ये कई बार affordable नहीं होता| इसके उपरत्न के रूप में Citrene Quartz जिसे “सुनहला” कहा जाता है, पहन सकते हैं| ये एक अल्पमूल्य रत्न है| पुराने जमाने में मिश्र और रोम में इसे आँख की रौशनी कम होने पर या आँख के रोग की स्थिति में पहना जाता था| इसके आलावा Yellow Topaz या “पीला टोपाज” या “पीला तुरमली” भी पहना जा सकता है| Actually Tourmaline (तुरमली) एक ऐसा पत्थर है जिसे बिना किसी डर के पहना जा सकता है, इसका positive result ही देखा जाता है| आजकल कुछ लोग “पीला जिरकन” या Yellow Zircon पहनने की भी सलाह देते हैं, पर आजकल Zircon साधारणतया lab made आ रहे हैं जो कृत्रिम रूप से बनते हैं और ये ज़िरकन रत्न की category में नहीं आते|
शुक्र का upratna
“हीरा” जिसे अंग्रेजी में Diamond और संस्कृत में वज्र कहते हैं, शुक्र का रत्न है| प्रकृति का सबसे कठोर ये रत्न बहुत ही सुन्दर, मनमोहक और आकर्षक होता है, साथ ही रत्नों में सबसे महँगा भी| Nature के सबसे कठोर इस रत्न को पुराने ज़माने में ज्यादा उपयोग में नहीं लाया जाता था क्यूंकि इसे तराशना कठिन था और उस समय पन्ने, माणिक और मोती को ज्यादा आभूषणों में प्रयोग किया जाता था| तेरहवीं शताब्दी में कारीगरों ने हीरे को हीरे से घर्षण कर तराशने की कला सीखी और तब से हीरा सबसे बहुमूल्य रत्न की category में आ गया| हीरे के उपरत्न के रूप में सबसे अच्छा है “सफ़ेद पुखराज” या White Sapphire पहनना| सफ़ेद पुखराज भी afford ना कर सकने की में “सफ़ेद तुरमली” या White Tourmaline पहना जा सकता है| Opal ओपल भी एक अनूठा रत्न है जिसे Diamond की जगह पहना जा सकता है| यह शहद के सामान चिकना और एवं विभिन्न रंगों की चमक दिखाई देने वाला होता है| इसमें जो हलके पीलेपन से दूधिया रंग का चिकना सफ़ेद ओपल है उसे ही हीरे की जगह पहनना चाहिए| Fire Opal जो संतरी पीले या लाल रंगों में आता है जिसमे दूसरे रंगों की चमक आती है, ऐसे ओपल को हीरे की जगह नहीं पहना जा सकता|
शनि का upratna
शनि का शास्त्रोक्त रत्न Blue Sapphire या “नीलम” है| नीलम पहनने में भी भी इसकी कीमत आड़े हाथ आती है, हर कोई इसे इतनी जल्दी afford नहीं कर सकता| दूसरी चीज है – Artificial stones की| बाजार में आजकल नकली नीलम की भरमार है| सुन्दर नीले रंग में चमकदार रत्न जो दिखने में आकर्षक होते है वाकई वो रत्न ना होकर कई बार शीशे के टुकड़े होते हैं! नीलम के उपरत्न के रूप में Amethyst या “कटहला” पहना जा सकता है| जामुन के सामान बैंजनी रंग के कारण इसे जमुनिया भी कहते हैं| ये आत्मबल को बढाता है और बुरी भावनाओं को दूर करता है| पहले जमाने में इसे शराब और दूसरे दुर्वय्सनों को छुड़ाने के लिए पहना जाता था| Amethyst रत्न meditation और मानसिक शान्ति के लिए भी उत्तम है| इसके अलावा Lapis lazuli जिसे हिंदी में “लाजवर्त” कहते हैं, नीलम की जगह पहना जा सकता है| यह स्फटिक या बिल्लौर जाती का रत्न है| ये एक सुन्दर रत्न है जिसका रंग मोर के कंठ के समान और सुनहरे छींटे लिए हुए नीला होता है जिसके कारण इसे “Golden Fly” भी कहते हैं| ये भारत के पुरातन रत्नों में से एक है जिसे प्राचीन काल में अफगानिस्तान की खदानों से निकाला जाता था| नीलम के सस्ते विकल्प के रूप में “नीली” या Iolite पहना जा सकता है|
राहू केतु के रत्न गोमेद और लहसुनिया आसानी से afford और पहने जा सकने वाले रत्न हैं इनके कोई खास उपरत्न नहीं हैं, बल्कि गोमेद और लहसुनिया की ही अपनी प्रजातियाँ हैं जो रंग और texture में भिन्न भिन्न होती हैं|

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