
Mars Capricorn transit 2016 में उर्जा और क्रियाशीलता का ग्रह मंगल 01 नवम्बर 2016 को अपने सबसे मजबूत position मकर राशी में प्रवेश करेगा और 11 दिसम्बर 2016 तक मकर राशी में ही रहेगा| शनि की राशी मकर में मंगल उच्च स्थिति यानि exaltation में रहेगा|
ये चालीस दिन का जो अवसर है वो इसलिए और भी महत्वपूर्ण बन जाता है क्यूंकि इस दौरान दो महत्वपूर्ण ग्रह – कर्माधिपति, न्यायप्रिय तथा मकर राशी के स्वामी शनि और ज्योतिष के सबसे उदार और शुभ ग्रह ब्रहस्पति मंगल को दृष्टि देंगे| ये दृष्टि उग्र और हिंसक मंगल को सरंचित, अनुशासित और व्यवहार कुशलता देगी|
Mars Capricorn transit 2016 की इस उच्च स्थिति में क्या करें और क्या न करें इसे समझने से पहले आइये ये समझते हैं की उच्च स्थिति या exaltation क्या है और मंगल अपने शत्रु शनि की राशी में कैसे उच्च का होगा?
किसी भी ग्रह की उच्च स्थति वो होती है जब वो कुंडली में राशी स्वामित्व और अपने position के हिसाब से अपने पूरे फल देने में सबसे ज्यादा सक्षम होता है और अपनी मूल स्वाभाविक प्रकृति को पूरी तरह से निखारता है| राशी वो वातावरण है जो ग्रह के मूलभूत स्वाभाविक प्रकृति को रूपांतरित कर उसे भाव स्वामित्व के हिसाब से दिशा देती है की वो अपना best बाहर ला सके|
मंगल एक आग्नेय, उग्र प्रकृति की पुरुष राशी है जो physical energy, पौरुष, हिंसा, क्रोध, क्रूरता और किसी भी कार्य को विजयी करने की क्षमता को दर्शाता है| नवग्रहों में सेना प्रमुख मंगल की मूलभूत प्रकृति बहुत महत्वाकांक्षी है जो अपने चारों तरफ हरेक को rule करना चाहती है| ये वो energy है जो बाह्य जगत में शारीरिक और उर्जा रूप से कर्म कराती है|
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प्रत्येक राशी का भी अपना तत्व होता है, प्रकृति होती है और किसी ग्रह का स्वामित्व होता है| मकर राशी पृथ्वी तत्व की चर (चलायमान – गतिशील) राशी है| पृथ्वी तत्व और गतिशीलता – मतलब वो पृथ्वी जहाँ बहुत movement हो – युद्ध का मैदान, खेल का मैदान या कार्यस्थल इसके उदाहरण हैं| Natural Zodiac में मकर राशी दशम भाव है – कर्म भाव – कुंडली का सबसे active – क्रियाशील भाव – बाह्य जगत में कर्म के द्वारा उपलब्धियों का भाव| तो इस भाव के गुण भी स्वाभाविक रूप से इस राशी में आयेंगे|
मकर राशी मंगल को अपने बल और परिश्रम की शक्ति से उपलब्धियों को हासिल करने का उपर्युक्त वातावरण देती है| और मकर के राशीश हैं खुद कर्माधिपति शनि देव, जो सबसे ज्यादा न्यायप्रिय और अनुशासन प्रिय ग्रह हैं| तो मकर का मंगल वो शक्ति है जो बाह्य जगत में उपलब्धियों को हासिल करने के लिए महत्वाकांक्षी है पर शनि के अनुशासन और न्याय से बद्ध है| ये कुछ इस तरह है की उफनती विशाल नदी के बहाव को waste ना करते हुए, उसे बाँध में बांध कर पानी को दिशा देकर, उसकी शक्ति से बिजली बनायी जाये| राशीश शनि का अनुशासन मंगल की शक्ति को सख्ती से बद्ध करते हुए उसे उपलब्धियों को हासिल करने का सही दिशा निर्देशन देता है और अपने वातावरण में comfortable होकर मंगल फल देने में सक्षम होता है – इसीलिए मंगल मकर में उच्च का होता है|
Mars Capricorn transit 2016 में उच्च मंगल की उर्जा कैसे प्राप्त करें?
ये चालीस दिनों का एक excellent window है कालचक्र का, जो relationships में और professions में relief देगा| Relationship की बात करें तो जो मांगलिक कुंडलियाँ हैं, उनके क्लेश और विवाद में आराम का समय है| इस समय मंगल चंडिका का पाठ करना अति उत्तम है जिससे मंगल दोष में एकदम आराम मिलेगा| Mars Capricorn transit 2016 में उच्च मगल की उर्जा प्राप्ति के कुछ सरल उपाय:
- नवग्रह स्तोत्रं का मंगल पाठ नीचे दे रहा हूँ, इसका नित्य 9 पाठ मंगल को और अनुकूल बनाएगा|
- धरणी गर्भ सम्भूतम विद्युत कान्ति समप्रभम| कुमारम शक्तिहस्तम तम मंगलम प्रणमाम्यहम||
- रिश्तों को मजबूत करने के लिए इस period में अपने पार्टनर के पुराने झगड़ों को भूल कर अपने जीवन में प्यार और रोमांस को वापस लायें|
- मैं सही हूँ का अड़ियलपन छोड़ें, शांति से पार्टनर की बात सुनें और understanding बनें|
- क्षमा – forgiveness एक बहुत बड़ा अस्त्र है रिश्तों को सुलझाने का, इसलिए क्षमा करें और क्षमा मांगें|
- यदि आपके आसपास कोई मुरुगन (कार्तिकेय) temple है तो वहां इन दिनों में पूजा अर्चना आराधना करना बहुत ही अच्छा माना गया है|
- यदि आपकी कुंडली में दशम भाव का सम्बन्ध किसी भी तरह से मंगल से आ रहा है तो Profession में ये समय उन्नति का है| यदि आप job में change प्लान कर रहे थे, तो यह समय काफी favourable है|
- दशम भाव या ग्यारहवां भाव यदि Mars से influenced है तो आपके job में promotion या आय में बढ़ोत्तरी के भी अवसर आ सकते हैं|
- यदि आप मंगल के रत्न मूंगा पहनने का प्लान कर रहे थे, या आपके पास कोई भी मूंगे का pendant या ring वगैरा है तो उसे धारण करने का उत्तम समय है यह|
तो 01 नवम्बर से आने वाले इन चालीस दिनों में मंगल से connection बनायें, सुखी रहें, खुश रहें, नवग्रह सदा आप पर मेहरबान रहें|

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