
Diwali 2016 Lakshmi Puja पर धन धन प्राप्ति और लक्ष्मी के आगमन के कुछ सरल और सफल प्रयोगों की आज बात करते है| Deepavali के उपलक्ष्य में पूजा पाठ व्रत उपवास और बाकी जानकारी Internet पर बहुधा मिल जायेगी| आइये आज आपको Diwali पर धन प्राप्ति और लक्ष्मी आगमन के कुछ खास प्रयोग के बार में बताता हूँ|
इस साल हिन्दुओं का सबसे बड़ा पर्व दिवाली 30 अक्टूबर 2016 को पड़ रही है| पांच दिन का ये ख़ुशी उल्लास और लक्ष्मी पूजन का पर्व Dhan Teras या धन त्रयोदशी से शुरू होगा और भाई दूज पर समाप्त होगा| इस वर्ष Dhan Teras 28 अक्टूबर को है, 29 अक्टूबर नरक चतुर्दशी, 30 अक्टूबर Diwali, 31 अक्टूबर Govardhan पूजा और 1 नवम्बर को भाई दूज – इस तरह पाचं दिनों का उत्सव है Deepavali.
Diwali 2016 Lakshmi Puja – पहला दिन – धन तेरस में त्रयोदशी तिथि 27 अक्टूबर को 16:15 से शुरू होकर 28 अक्टूबर 18:20 तक रहेगी| Dhan Teras के दिन का पूजा मुहूर्त 28 अक्टूबर को 17:35 से 18:20 का है| कुछ लोग प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करते हैं जो 17:35 से लेकर 20:11 तक रहेगा| जो लोग स्थिर लग्न में में लक्ष्मी पूजन करना चाहते है वो “वृषभ काल “ में याने 18:35 से लेकर 20:30 तक कर सकते हैं|
Diwali 2016 Lakshmi Puja – दूसरा दिन – नरक निवारण चतुर्दशी या नर्क चतुर्दशी 29 अक्टूबर को है| इसे Chhoti Diwali भी कहते हैं| नरक चतुर्दशी के दिन अभ्यंग स्नान का बड़ा महत्व है| ऐसी मान्यता है की इस दिन अभ्यंग स्नान मुहूर्त में स्नान करने से मृत्यु के बाद नर्क से बचा जा सकता है| इस दिन अभ्यंग स्नान मुहूर्त 05:05 से 06:35 तक रहेगा|
अभ्यंग स्नान की शुरुआत का भी एक चरित्र है| पुराणों के अनुसार भूमि देवी के पुत्र नरकासुर ने बड़ी कठिन तपस्या करके ब्रह्माजी को प्रसन्न किया और अति शक्तिशाली हो कर तीनों लोकों में अत्याचार करना शुरू कर दिया| समस्त देवी देवता और दूसरे दिव्य पुरुषों ने श्रीकृष्ण की शरण ली और नरकासुर से बचाने की गुहार लगायी| नरकासुर को वर था की वो अपनी माता के हाथों ही मारा जा सकता है|
श्रीकृष्ण ने अपने पत्नी सत्यभामा को अपना सारथि बना नरकासुर से युद्ध शुरू कर दिया| सत्यभामा भूमि देवी की ही अवतार हैं और जब कृष्ण ने नरकासुर के एक बाण से बेहोश होने का नाटक किया, तब सत्यभामा ने धनुष बाण लेकर नरकासुर का वध कर दिया, इस तरह नरकासुर भूमि देवी के हाथों मृतगति को प्राप्त हुआ| पुरानों के अनुसार कृष्ण ने इस युद्ध के बाद स्नान करके नरकासुर के रक्त को अपने शरीर से धोया और तब से अभ्यंग स्नान की शुरुआत हुई|
दक्षिण भारत में दिवाली इसी दिन से शुरू होती है| इस दिन सुबह सुबह लोग सिन्दूर और तिल के तेल के उबटन (रक्त का रूपीकरण) को अपने माथे पर लगा कर स्नान करते हैं और खूब पटाखे जला कर उत्सव मनाते हैं| उत्तर भारत की तरह इस दिन दिये और प्रकाश से लोग घरों को सजाते हैं|
Diwali 2016 Lakshmi Puja – सबसे खास दिन है दिवाली का| अमावस्या होने की वजह से इस दिन सुबह पितृ तर्पण भी किया जाता है| दिवाली के ये दिन मंत्र साधना के लिए अति उत्तम है| धन प्राप्ति के खुस खास प्रयोग भी दिवाली के दिनों में किये जाते हैं| इन दिनों की खास energy को जितना हो सके utilise करें|
Diwali 2016 Lakshmi Puja मुहूर्त 30 अक्टूबर रविवार को 18:27 से 20:09 रहेगा| कुछ लोग प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन करते हैं जिसका मुहूर्त 17:33 से लेकर 20:09 तक रहेगा| Deepavali के उपलक्ष्य में पूजा पाठ व्रत उपवास और बाकी जानकारी Internet पर बहुधा मिल जायेगी| आइये आज आपको Diwali पर धन प्राप्ति और लक्ष्मी आगमन के कुछ खास प्रयोग के बार में बताता हूँ|
Diwali 2016 Lakshmi Puja पर धन प्राप्ति के कुछ खास प्रयोग
प्रयोग – 1 – व्यापार में अपने ग्राहकों की वृद्धि के लिए दीवाली की रात को एक साबुत सुपारी, सात अभिमंत्रित गोमती चक्र और एक कांसे का सिक्का लेकर किसी भी पीपल के पेड़ के नीचे रख कर आ जाएँ| अगले सोमवार उसी पीपल के पेड़ से एक पत्ता तोड़कर ले आयें और उसे अपने Cash Box या गल्ले में रख दें, आपके व्यापार में वृद्धि होनी शुरू हो जायेगी| गोमती चक्र और कांसे का सिक्का आप मुझसे order कर सकते हैं|
प्रयोग – 2 – व्यापार वर्धिनी पोटली जिसमे लक्ष्मी कौड़ी, सुलेमानी हकीक और गोमती चक्र का एक खास combination अभिमंत्रित किया जाता है, इसे अपने घर में या business में स्थापित करें, आपके धन में और व्यापार में वृद्धि होनी शुरू हो जायेगी|
प्रयोग – 3 – नीचे दिये गए लक्ष्मी विजय यंत्र को को अनार की कलम से कुमकुम पेस्ट से भोजपत्र पर बना कर, लैमिनेट करा के या लकड़ी के तख्ते पर जड़ के घर के पूजा स्थल पर, व्यापार के ऑफिस में या factory में लक्ष्मी गणेश के साथ स्थापित करें, धूप दीप और पुष्प से पूजा करें और प्रतिदिन की पूजा में इस भोजपत्र लक्ष्मी विजय यंत्र की पूजा शुरू कर दें, धन की कमी नहीं रहेगी|
दिवाली के उपरोक्त किसी भी पाचं दिनों में ये यंत्र बनाया जा सकता है, पर best है दिवाली से पहले बना कर दिवाली के दिन स्थापना| अनार की कलम और भोजपत्र आदि आप मुझसे order कर सकते हैं| लक्ष्मी विजय यन्त्र अपने हाथों से ही बनाया जाना चाहिए|
ध्यान दें: इस यंत्र में जो अंक जहाँ लिखा है वहीँ आएगा, पर सबसे छोटे से शुरू करके बड़े पर जाना है, जहाँ से मन किया वहां से नहीं| इस यंत्र में 1 से 10 तक अंक हैं पर खाने नौ हैं, क्यूंकि 6 का अंक इस यंत्र में नहीं है| तो दुबारा ध्यान दें – सबसे छोटे से शुरू कर के एक एक अंक बड़ा लिखें, जो अंक जिस खाने में है उसी हिसाब से|
प्रयोग – 4 – नीचे दिये गए धन प्राप्ति छत्तीसा यन्त्र को दिवाली की रात सिन्दूर से अपने business, ऑफिस या factory के अन्दर के किसी भी दीवार पर बनायें, व्यापार में वृद्धि होगी और business से related सब तरह के भय दूर होंगे| इस यंत्र को दीवाली के दिनों में भोजपत्र पर अनार की कलम से लिख कर अपने पास रखने से बहुत शुभ फल मिलते हैं|
ध्यान दें: इस यंत्र में जो अंक जहाँ लिखा है वहीँ आएगा, पर सबसे छोटे से शुरू करके बड़े पर जाना है, जहाँ से मन किया वहां से नहीं| इस यंत्र में 1 से 17 तक अंक हैं पर खाने 16 हैं, क्यूंकि 9 का अंक इस यंत्र में नहीं है| तो दुबारा ध्यान दें – सबसे छोटे से शुरू कर के एक एक अंक बड़ा लिखें, जो अंक जिस खाने में है उसी हिसाब से|

तो इस वर्ष दीवाली पर इन खास प्रयोगों से अपने जीवन में लक्ष्मी का स्वागत करें और धन की कमी को दूर करें|

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